कृषि महाविद्यालय की जमीन पर प्रशासन की नजर
July 3, 2019 • एग्रो इंडिया

सैटेलाइट सिटी बनाने के लिए जवाहरलाल नेहरू कृषि विवि की 200 एकड़ जमीन पर नजर

भोपाल | राज्य सरकार की सैेटेलाइट सिटी बनाने की मंशा के बीच जबलपुर नगर निगम ने जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेविवि) की 200 एकड़ जमीन पर यह सिटी बनाने का प्रस्ताव दे दिया है। यह प्रदेश का एकमात्र कृषि विवि है, जहां देश में सीड रिप्लेसमेंट के लिए छात्र-छात्राएं बीज तैयार करते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार न केवल पैसा देती है, बल्कि किसान व संस्थाएं इसी विवि से बीज लेकर जाते हैं। इस समय विद्यार्थियों के शोध के लिए एक इंच जमीन भी खाली नहीं है। बावजूद इसके विवि की जमीन पर यह प्रोजेक्ट लाने की तैयारी है। इतना ही नहीं, नगर निगम ने विवि की जिस जमीन का प्रस्ताव बनाया गया है, वह रेलवे पटरी व नेशनल हाइवे के बीच और विवि भवन के पास की है।


नगर निगम के इस प्रस्ताव से विवि प्रशासन नाखुश है :चौंकाने वाली बात यह है कि 16 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बैठक करके कहा था कि 100 एकड़ में सर्वसुविधा युक्त स्टेट आॅफ आर्ट टाउनशिप (सेटेलाइट सिटी) बनाई जाए। लेकिन इसी कवायद के मद्देनजर नगर निगम ने 100 की जगह 200 एकड़ का प्रस्ताव बनाकर विवि से जमीन मांग ली है। शुरुआत में करीब 2300 एकड़ में फैले जेएनकेविवि में अब तक भारतीय खरपतवार नियंत्रण संस्थान, पशुपालन विवि तथा अन्य दो संस्थाओं के लिए 1300 एकड़ जमीन ले ली गई, जिससे शोध कार्य प्रभावित होते हैं। अब बची हुई जमीन में से भी 200 एकड़ मांगी जा रही है।

डेढ़ सौ सोसायटी क्या करेंगी? :ब्रीडर सीड तैयार करके करीब किसानों की डेढ़ सौ सोसायटियों को दिया जाता है। प्रदेश में कृषि विवि ही एेसा है, जहां से बड़ी-बड़ी संस्थाएं बीज लेती हैं। कुछ तो राज्य के बाहर भी जाती हैं।'यह सही है कि सेटेलाइट सिटी के लिए 200 एकड़ जमीन जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि से मांगी गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत ही यह किया जा रहा है। अब जमीन के बारे में निर्णय विवि का बोर्ड करेगा। विवि चाहे तो निगम किसी दूसरे स्थान पर 200 एकड़ जमीन दे सकता है।'- आशीष कुमार, कमिश्नर, जबलपुर नगर निगम

'प्रस्ताव आया है। तीन दिन बाद 6 जुलाई को बोर्ड की बैठक है, जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। इससे अधिक अभी कुछ नहीं कह सकता।'- डाॅ. प्रदीप कुमार बिसेन, कुलपति, जेएनकेविवि, जबलपुर